रविवार, 7 नवम्बर 2010

विचार-४० :: विवेक और कल्पना

विवेक और कल्पना

विवेक जीवन का नमक है और कल्पना उसकी मिठास। एक जीवन को सुरक्षित रखता है और दूसरा उसे मधुर बनाता है।

2 टिप्‍पणियां:

  1. जीवन में दोनों के अंतर्संबंधों को दर्शाती एक खूबसूरत विचार. आभार.
    सादर,
    डोरोथी.

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं

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